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DESIRE

I HAVE A DESIRE, DESIRE OF FLY, IF OPPORTUNITY COMES TO ME, I WILL NOT BE SHY, OPPORTUNITY DOES NOT MEAN SOMEONE GIVE IT TO ME, OPPORTUNITY I WILL CREATE, I WILL CREATE FOR ME, I KNOW ITS HARD IN THIS WORLD, BUT I WILL PROVE MY SELF WITH MY WORK NOT WORDS, NOW I CAN'T STEP BACK, BECAUSE THAT'S NOT ME, I WILL BECOME WHAT I WANT TO BE,

मेरा तिरंगा

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मेरे तिरंगे तेरी आन में, कई जाने कुर्बान, तू लहराता रहे इन फिज़ाओ में, इसमें हमारी शान, उन शूरवीरों के लहू से सिँचा गया केसरी रंग तेरा, उन शूरवीरो के समक्ष झुकता हैं सर मेरा, जो वादा अपनों का न पूरा कर, घर जा न सके, किसमत वाले हैं वो देश की क़सम निभा सके, सफ़ेद रंग तेरा शांति का हैं प्रतीक, माफ़ कर देना, मेरे देश का स्वभाव हैं अटिक, उसपर जो अशोक चक्र विराजमान रहता हैं, मेरे देश की सभ्यता  की कहानी वो कहता हैं, उस हरे रंग का अब क्या ही कहना, जो पहनता हैं हरियाली का गहना, मेरी धरती की मिट्टी से आज भी सोना उगता हैं, धन्य हैं वो किसान जो मेहनत से सबका पेट भरता हैं, इन तीन रंगो को मिलाकर बनता हैं तिरंगा मेरा, जिसने सभी देशवासीयो के दिल में डाला डेरा, मेरे तिरंगे तेरी आन में, कई जाने कुर्बान, तू लहराता रहे इन फिज़ाओ में, इसमें हमारी शान, 

कृष्ण

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जिन आँखों में संसार समाता,  मैं उन आँखों पर बलहारी हूँ, सारा जग जिसका दास हैं , मैं उस कृष्ण पर दिल हारी हूँ, सांवला सा रंग जिसका, चंचल हैं जिसके नैत्र, जहां भी कदम रखे वो, चन्दन सा महकने लगे क्षेत्र, ग्वालो के संग खेलता वो, करता वो माखन चोरी, भोली भाली शक्कल बनाकर, सुनता मईया  की गोद में  लौरी, धन्य हैं वो मोर पंख, जो रहता प्रभु के मुकट पर विराजमान, धन्य हैं वो मोर भी जिसे मिला ये सम्मान, जिन आँखों में संसार समाता,  मैं उन आँखों पर बलहारी हूँ, सारा जग जिसका दास हैं , मैं उस कृष्ण पर दिल हारी हूँ,

मैं हूँ मनुष्य

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मैं हूँ मनुष्य, मैं हूँ अभिमानी, मैने हमेशा की मनमानी , भगवन ने दी मुझे बुद्धि  ताकि मैं खुद का स्वार्थ साधू, अपने स्वार्थ के लिए मैं सबको बाँधू, बाँट दू में सबको बेमतलब के आधार पे, भर दूँ मैं द्वेष सबके विचार में, काट दिए पेड़, मार दिए जीव, रखी फिर उसपर मैने घमंड की नींव, नफरत भरकर सबमे खत्म की इंसानियत, जाती, धर्म, रंग के आधार पर बदल दी सबकी नियत, प्रदूषण से धरती को कलंकित किया, चारो तरफ ज़हर भर दिया, फिर भी मैं न झुका, चाहे पहुंचे मुझे हानि, मैं हूँ मनुष्य, मैं हूँ अभिमानी,

ह्रदय की आवाज़

मैं मेरे ह्रदय का अनुसरण किया करता हूँ, मैं दुनिया के विपरीत खुद में रहा करता हूँ, मेरी आँखों में जो स्वपन हैं स्वयं के प्रति, मैं उन सपनो को पूरा जिया करता हूँ, मैंने दुनिया को खुश रखने का खूब प्रयास किया, मगर  खुद में मैं घुट-घुट कर जिया, उसमे खुशी हम दोनों को न मिली, मेरे ह्रदय में एक विचार धारा खिली, जग उस रूप में तुम्हे देखता है,जिस रूप में खुद को बेहतर दिखते हो, उसी रूप में तुम खुद को भी सहज पाते हो, जग की चिंता छोड़ो, उसकी चिंता करने वाले हज़ार, खुद के दिल की सुन बनाओ  एक नया आधार, बस अब इसी नियम का मैं पालन किया करता हूँ, मैं सदैव मेरे ह्रदय का अनुसरण किया करता हूँ,

मेरे अतीत के पन्ने

बीते यादें आई मेरा आत्मबोध करने, आज यूँ ही पलट गए मेरे अतीत के पन्ने , निस्वार्थ भाव सा कोमल, निश्छल था मन मेरा, बचपन की मासूमियत ने डाला था दिल में डेरा, दुसरो के दुःख में मैं खुद रोया करता था, दोस्तों के  लिए घर में खिलौने सँजोया करता था, मिट्टी से खेला करते और मिट्टी पर ही सो जाते, जाते नहीं थे घर जबतक बाबुजी न आते, उन ऊँची इमारतों में अब मेरी मिट्टी कहीं खो गई हैं, जिम्मेदारियों के तले दोस्ती भी खो गई हैं, इस शोर-गुल में बाबुजी की डाट न सुनाई करती, मेरे अभिमान के नीचे अब इंसानियत है दबती, न अब वो इंसानियत हैं, न है निस्वार्थ भावना,  मेरी ईर्ष्या खुद न चाहती उस मासूमियत को थामना, क्या से क्या हो गए, उस खाली तिजोरी को भरने, आज यूँ ही पलट गए मेरे अतीत के पन्ने ,

SKINTONE

hello users                  hope you are doing great. Today we gonna talk about skin tone we have different skin tone types i have brownish, someone have fair than me, someone have darker than me. It just a skin tone not a big deal but we judge people's beauty not by their heart but by their skin tone. it is 21st century guys and differentiating people by their color is now show how backward our thoughts are. We all are children of god, he love his children equally, if he doesn't make difference so why we do. Respect all colors given by God if you will do than you have a new eyesight towards people you can see them beyond their color and it feel great, don't judge them, love them as they are. actually i also suffered from that thing it really feels like someone wants to break you from inside but later i understand if i love my self than people love me as well. don't break someone. thanks for reading take care you all are beautiful

कविता

मैं एक कवी हूँ और कविता मेरा कर्म हैं, यही मेरा जीवन हैं यही मेरा धर्म हैं, अपने विचारों के तारो से मैं राग बुना करता हूँ , शब्दो के इस में अपना भाव चुना करता हूँ, मैं एक कवी हूँ और कविता मेरा कर्म हैं, यही मेरा जीवन हैं यही मेरा धर्म हैं, मेरे लिए जीवन ही कविता का  स्वरूप  हैं, जिसमे कही छाँव हैं, कही धुप हैं, उस  स्वरूप  का मैं पूजन किया करता हूँ, इसमें परिश्रम का मैं  राग भरा करता हूँ, कविता की मधुर सरिता में रोज बहा करता हूँ, इस संसार का में गुणगान किया करता हूँ, यही मेरी पहचान हैं, यही मेरा करम हैं, मैं एक कवी हूँ और कविता मेरा धर्म हैं,

बह चली आज यूँ ही मेरी विचार धारा,

बह चली आज यूँ ही मेरी विचार धारा, जिसमे दुनिया का मतलबी स्वरूप हारा, मेरे विचारों में सौन्दर्य की गहन छवि हैं, जिसमें मेरी प्रिय प्रकृति स्वयं में कवि हैं , नदियाँ के बहते पानी ने स्वरों का जाल बुना हैं, इसमें गीत भरने के लिए मैंने पवन को चुना हैं, चिड़ियों की चह-चाहट इसमें मधुर संगीत भरती , टहनियों की आवाज़ बांसुरी का काम करती, बह चली आज यूँ ही मेरी विचार धारा, जिसमे दुनिया का मतलबी स्वरूप हारा, स्वपन टुटा और वास्तविकता में प्रवेश हुआ, कुछ समय पहले भ्रम नें था मुझको छुआ, काश वो स्वपन न टूटता मेरा, अब चारो और लागे हैं अँधेरा, वास्तविकता में, मैं इस दुनिया से हारा, बह चली थी आज यूँ ही मेरी विचार धारा,

खुशबू मेरी मिट्टी की

गंगा जितनी पवित्र  हैं वो , हमारी माँ कहलाती हैं जो, जरूरत नहीं उसे किसी शुद्धि की, वो खुशबू मेरी मिट्टी  की, रहने को दिया उसने स्ठान, पेट भरने को करती वो अन्न प्रदान, अपनापन जिसकी हवाओ में बहा करता, मैं अक्सर उस एहसास को याद करता, मेरे बाबा ने जिस भूमि पर मेहनत की, वो खुशबू मेरी मिट्टी की, 

मेरी माँ

मेरे गम में तेरा हाथ  मेरे सर पर हैं, मेरी ख़ुशी ही तेरे लिए सबसे उप्पर, कहने को तो साथी बहुत हैं मेरी माँ, मगर मेरी हिम्मत तेरे दर पर हैं , तेरे आँचल के तले खूब रोया मैं , रोते रोते, दुःख बोलते बोलते सोया मैं, मेरे सोने के तु खुद रोती थी, रोती रोती  अपना दामन भिगोती थी, उस दामन में लगे आँसू मेरा कर हैं, कहने को तो साथी बहुत हैं मेरी माँ, मगर मेरी हिम्मत तेरे दर पर हैं ,  आज जब कमयाबी हैं मेरे साथ, मेरे साथ तू नहीं हैं, दिखावटी मुखौटे बहुत हैं, तेरा वो मासूम चेहरा नहीं हैं, तेरी दी हुई , सीख और संस्कार अब मेरे हमसफ़र हैं, कहने को तो साथी बहुत हैं मेरी माँ, मगर मेरी हिम्मत तेरे दर पर हैं ,

मेरे आँखों के तारे

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आँखों का तारा थे जो, बुढ़ापे का सहारा थे जो, आज मुँह मोड़  लिया हमसे, निकल दिया उन्होंने घर से, जिनको दिया हमने इतना प्यार, रखा जिनके भविष्य  को बरक़रार, बेच दिया उन्होंने हमारा घर-बार, बनकर रहगये उनके जीवन का भार, सहारा अब होगा किसका, हम पर पहाड़ टुटा हैं दुखो का, रोता  हूँ अपना हाल देख कर, अपने बच्चों का ऐसा प्यार देखकर, समझते हैं हमें एक सीढ़ी, जिनपर चलेगी उनकी सारी पीढ़ी, मूड़ कर न देखा उन सीढ़ियों को, दुःख होगा बीती पीढ़ियों को, आज लेनी पड़ेगी वृद्धाश्रम में शरण, जब तक न हो जाता जीवन का मरण, आँखों में एक ख़ुशी हैं, मेरे बच्चों पर अब कोई बोझ नहीं हैं, 

मेरा सपनो का हिन्दुस्तान

जिसकी मिट्टी को मातृभूमि का कर समझा जाता हैं , जो अतिथियों को बड़े प्यार से अपनाता हैं , सबकी भावनाओं का रखता हैं वो मान, वही है मेरा सपनो  हिन्दुस्तान , जहाँ जातिवाद का भेदभाव नहीं , एक समान हैं जिसके लिए रंग सभी, जहाँ ईद और दिवाली साथ मनाई जाती हैं , राम भी एक रहीम भी एक की धुन गायी जाती हैं, सबको एक करने की थामता वो कमान , वही हैं मेरे सपनो का हिन्दुस्तान , जहां स्री को देवी समझा  हैं, उसकी इच्छाओ का मान रखा जाता हैं, अंधेरो से कभी वो न डरा करती, उसे किसी की सुरक्षा की जरूरत न पड़ती, हर आँखों में दिखता  उसके लिए सम्मान, वही हैं मेरा सपनो का हिन्दुस्तान, जहाँ युवा घर पर न बैठा करता, अपने कर्त्वयों का निर्वाहन वो करता, उसके गुण का न होता कभी अपमान, वही हैं मेरे  हिन्दुस्तान,                                 THANKS FOR READING AND SHARE IT AS YOU CAN

CHILDREN'S LOVE

MY CHILDREN THROW ME, BECAUSE THEY THOUGHT I'M WASTE, NOW I CAN'T MAKE MONEY FOR THEM, I JUST WANT TO REST, I CAN'T UNDERSTAND WHAT KIND OF GREED THEY HAVE, ALL THE EXPENSIVE THEY HAVE, I WORKED FOR IT AND I GAVE, I SUPPORTED THEM BY HOLDING THEIR HAND, I SUBMIT THEIR EDUCATION FEE TO MAKE THEIR VICTORY GRAND, NOE THEY DO NOT WANT TO LIVE WITH ME, BECAUSE I'M DISABLE, DOES THEIR SELFISH BEHAVIOR TOWARDS ME, IS REASONABLE, I DON'T WANT TO BE BURDEN ON THEM, I JUST WANT LOVE AND CARE, NOT AS MUCH AS I GAVE TO THEM EARLIER, BECAUSE NOW IT IS RARE, I'M NOT COMPLAINING, I JUST WANT TO ASK MY SELF, WHAT KIND OF MISTAKE I DID, THAT THEY DI NOT WANT TO GIVE ME SHELF,

PLAN OF THE DAY

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WE START OUR DAY WITHOUT A PLANNER, WE DO NOTHING, PASS ALL THE DAY IN SAME MANNER, TOMORROW I'LL DO THAT, MOST SATISFACTION ANSWER TO OURSELVES, IF WE CAN'T, WE HAVE EXCUSES LIKE A SHELF, SO PLEASE NOT HIDE YOURSELF BEHIND THE EXCUSES , DO YOU WANT IN FUTURE TO HEAR WORLD'S ABUSES, START YOUR DAY WITH A SENTENCE " I CAN DO THIS", HAVE A STRONG DETERMINATION AND NOBODY CAN CHANGE THIS, YOU SHOULD NOT HAVE REGRET IN FUTURE OF ANYTHING, START YOUR DAY WITH A NEW PLAN, YES YOU CAN DO ANYTHING,